A CML and GIST Patient Support Group Meeting was held on 18 April 2026 in Patna. Over 200 patients and their caregivers attended the meeting.
After the meeting, Sanjiv Kumar Jha, CML patient who is also an integral part of FOM Bihar City Chapter Leader group, shared his thoughts and insights.
Sanjiv Kumar has been associated with Friends of Max since 2007 and along with his wife Usha ji. They have attended mostly all the meetings in Patna and many other cities as well. He is always happy to take the time out and help FOM in organising its patient related activities.

1. पेशेंट सपोर्ट ग्रुप मीटिंग्स, पेशेंटस और करगिवेर्स को कैसे प्रभावित करती हैं, और FOM समुदाय से जुड़ने पर कौन सी भावनाएँ सामने आती हैं?
पेशेंट सपोर्ट ग्रुप मीटिंग में पेशेंट्स को होनी वाली समस्याओं का समाधान होता है डॉक्टर्स के द्वारा, फ्रेंड्स ऑफ़ मैक्स (FOM) के द्वारा और मैक्स फाउंडेशन के द्वारा। जितने भी हमारे वालंटियर्स होते हैं (पेशेंट्स /करगिवेर्स) उनको भी बताया जाता है की क्या कैसे करना चाहिए जिससे उन्हें भी संतुष्टि मिलती है. करगिवेर्स को समय समय पर संस्था के द्वारा दवाई / टेस्टिंग की जानकारी भी प्रदान होती है। FOM के द्वारा एक दुसरे से मिलकर मन की भावना जुड़ती हैं और एक नयी ऊर्जा उत्पन करती हैं.हम तो यही आशा करते हैं की सभी CML/GIST पेशेंट्स इस संस्था से जुड़ें रहे और इन पेशेंट सपोर्ट ग्रुप मीटिंग्स में आतें रहे और प्रोग्राम में अपना सफल योगदान दें.
2. अब FOM को पेशेंट सपोर्ट ग्रुप मीटिंग्स करते 20 साल हो गए हैं, पटना में यह अट्ठारवीं (१८) मीटिंग थी | आपको क्या लगता है कि मीटिंग्स कैसे विकसित हुई हैं, डिसकशंस और वर्कशॉप्स में आप क्या नए बदलाव देख रहे हैं?
FOM को २० साल हो चुकें हैं यह मीटिंग्स करते | कई लोगों के सहयोग से (फ्रेंड्स ऑफ़ मैक्स , थे मैक्स फाउंडेशन, डॉक्टर्स और पेशेंट्स और करगिवेर्स ) यह विकसित हो रहीं हैं | इन मीटिंग्स में जैसे की हमने कहा, सभी पेशेंट्स को खुलकर अपनी समस्याओं के बारे में डॉक्टर से बात करने का मौका मिलता है और वर्कशॉप्स के द्वारा नयी नयी चीज़ो के बारे में जानकारी और सीख मिलती है | ड्रामा थेरेपी , पेंटिंग के द्वारा | जैसे इस बार पटना मीटिंग में हमारी पेशेंट वालंटियर पिंकी मैडम ने अपने वर्कशॉप ग्रुप के साथ बहुत खूबी से पटना की क्षेत्रीय भाषा का प्रयोग करके एक छोटा नाटक प्रस्तुत किया | इस नाटक के माध्यम से उन्होंने अपने घर की स्तिथि का बहुत ही अच्छे और रियल तरीके से पेश किया जो सभी को बहुत पसंद आया |












3. आप भविष्य की मीटिंग्स में क्या देखना चाहेंगे?
इसी तरीके हम आगे भी डॉक्टर्स, फ्रेंड्स ऑफ़ मैक्स, थे मैक्स फाउंडेशन और अम्माजी (विजि वेंकटेश) के साथ हम पेशेंट्स और करगिवेर्स नयी जानकारी पातें रहे , हम यही देखना चाहतें हैं|
4. पेशेंट सपोर्ट ग्रुप मीटिंग्स के अपने अनुभव में, क्या आप कोई विशिष्ट उदाहरण साझा कर सकते हैं जहाँ आपने किसी मरीज़ पर उल्लेखनीय प्रभाव या सकारात्मक परिणाम (पॉजिटिव आउटकम ) देखा हो?
पेशेंट सपोर्ट ग्रुप मीटिंग के द्वारा जो अनुभव हमने प्राप्त किये हैं , उसे हम आगे दूसरों के साथ शेयर करके उनका उत्साह बढ़ाते है | आज तक मैंने अपनी पत्नी उषाजी के साथ सभी मीटिंग्स को अटेंड किया है, पूना, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई और भी बहुत से शहरों में | जो जो भी हमने सीखा हम उसका प्रयोग करते रहतें हैं | बहुत सारे ऐसे कैंसर पेशेंट्सआज भी हैं जो अपने मन की बात मीटिंग्स में नहीं पहुंचा पाते , वह हम को बता पातें हैं | हम लोग एक परिवार की तरह एक दुसरे के साथ मिलकर एक दुसरे का हौसला बढ़ाते हैं| कॅरोना में हम लोगों ने एक दुसरे की मदत की जब दवाई मिलने में तकलीफ हो रही थी | हमारे मन में यही विचार होता है कि हम भी कुछ कर पाएं, जैसे हमने इस संस्था से पाया है हम भी दूसरों को दें पाएं |


















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